“शैक्षणिक संस्थानों में फैशन प्रवृत्तियों का छात्राओं के व्यवहार पर प्रभाव का अध्ययन”
Keywords:
फैशन प्रवृत्ति, शैक्षणिक व्यवहार, महाविद्यालय, सामाजिक व्यवहार, मनोवैज्ञानिक व्यवहारAbstract
किसी भी इंसान की मूलभूत जरुरत रोटी, कपडा और मकान है। जिसके भी पास ये सब है वह ख़ुशी और सरल तरीके से अपनी ज़िंदगी व्यतीत करता है। लेकिन जैसे जैसे इंसान ज़िंदगी में आगे बढ़ता जा रहा है उसकी जरूरते बदलती जा रही है। वह जरुरत के सामान के स्थान को अपने शोक और दिखावे में बदलता जा रहा है। जिसमे युवा सबसे आगे है, वह दूसरों से ज्यादा दिखने की होड़ में फैशन को अपनी ज़िंदगी का अहम् हिस्सा बना चूका है।


